बिलासपुर: रेल यात्रियों की बढ़ी मुश्किलें—चौथी लाइन के काम के चलते छत्तीसगढ़ से गुजरने वाली 77 ट्रेनें रद्द

बिलासपुर। गर्मियों की छुट्टियों में यात्रा की योजना बना रहे लोगों के लिए उत्तर दक्षिण कॉरिडोर से जुड़ी एक बड़ी खबर है। बिलासपुर-झारसुगुड़ा के बीच चौथी रेलवे लाइन बिछाने के कार्य के कारण आगामी 8 जून से 19 जून तक छत्तीसगढ़ से होकर गुजरने वाली 77 ट्रेनें रद्द रहेंगी। इस बड़े ब्लॉक का सीधा असर छुट्टियों में घर जाने वाले या घूमने की योजना बना रहे यात्रियों पर पड़ेगा।

क्यों बंद रहेगी रेल सेवा?

बिलासपुर से झारसुगुड़ा के बीच कुल 206 किलोमीटर लंबी चौथी लाइन का निर्माण किया जा रहा है, जिसमें से 180 किलोमीटर का काम पूरा हो चुका है। अब शेष कार्य और कनेक्टिविटी को जोड़ने के लिए चांपा रेलवे स्टेशन पर विशेष 'रेलवे ब्लॉक' लिया गया है। चूंकि यह मार्ग उत्तर भारत को दक्षिण भारत से जोड़ने वाला एक प्रमुख जंक्शन है, इसलिए यहाँ काम की वजह से रेल यातायात बड़े स्तर पर प्रभावित हो रहा है।

7 राज्यों के यात्री होंगे प्रभावित

इस निर्णय से केवल छत्तीसगढ़ ही नहीं, बल्कि मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल, गुजरात और ओडिशा समेत कुल 7 राज्यों के यात्रियों को असुविधा होगी। एक्सप्रेस, मेमू और पैसेंजर ट्रेनों के साथ-साथ कई प्रमुख गाड़ियों को या तो निरस्त कर दिया गया है या उनके मार्ग में परिवर्तन (Divert) किया गया है।

प्रमुख रद्द ट्रेनों की सूची:

ट्रेन संख्या ट्रेन का नाम रद्द रहने की अवधि
18113/14 टाटा-बिलासपुर-टाटा एक्सप्रेस 7 से 19 जून
13287/88 साउथ बिहार एक्सप्रेस (दुर्ग-आरा) 10 से 16 जून
12833/34 अहमदाबाद-हावड़ा एक्सप्रेस 11 से 15 जून
18477/78 उत्कल एक्सप्रेस (ऋषिकेश-पुरी) 11 से 15 जून
12251/52 कोरबा-यशवंतपुर एक्सप्रेस 9 से 14 जून
20917/18 इंदौर-पुरी हमसफर एक्सप्रेस 9 व 11 जून
22845/46 हटिया-पुणे एक्सप्रेस 12 से 17 जून
22169/70 संतरागाछी-रानी कमलापति एक्सप्रेस 10 व 11 जून

(अन्य रद्द ट्रेनों में शालीमार-भुज, टाटा-इतवारी, अमृतसर-विशाखापटनम हीराकुंड एक्सप्रेस और एलटीटी-कामाख्या एक्सप्रेस जैसी प्रमुख गाड़ियां शामिल हैं।)

हसदेव एक्सप्रेस में राहत

यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए रेलवे ने निर्णय लिया है कि हसदेव एक्सप्रेस को इस अवधि के दौरान बिलासपुर और कोरबा के बीच 'पैसेंजर ट्रेन' के रूप में संचालित किया जाएगा। रेल अधिकारियों का मानना है कि इस चौथी लाइन का काम पूरा होने के बाद भविष्य में ट्रेनों की आवाजाही पहले से कहीं अधिक सुगम और तेज हो जाएगी।