रणबीर ने किया खुलासा- किस वजह से अच्छे डायरेक्टर नहीं बन पाए ऋषि कपूर
मुंबई । हाल ही में बालीवुड एक्टर रणबीर कपूर ने बताया कि किस वजह से उनके पिता ऋषि कपूर अच्छे डायरेक्टर नहीं बन पाए थे। एक इंटरव्यू के दौरान रणबीर कपूर ने बताया कि उनके पिता ऋषि कपूर शानदार एक्टर थे, लेकिन वह डायरेक्शन में अच्छे नहीं थे।
रणबीर कपूर ने कहा, ‘मैंने आ अब लौट चलें फिल्म के लिए उन्हें असिस्ट किया था, जो नहीं चली। मेरे पिता ने फिल्म का डायरेक्शन किया था। मुझे एहसास हुआ कि मेरे पिता एक शानदार एक्टर हैं, लेकिन वह उतने अच्छे डायरेक्टर नहीं हैं, क्योंकि उनका स्वभाव अच्छा नहीं है। वह बहुत गुस्सैल हैं। ‘रणबीर कपूर ने आगे कहा, ‘यह बहुत मुश्किल काम है। एक अच्छा डायरेक्टर बनना निस्वार्थ काम है, क्योंकि आप हर किसी का काम कर रहे हैं, लेकिन इसका क्रेडिट उन्हें दे रहे हैं। आप सेट पर बॉस हैं। कोई भी फैसला आपका अपना फैसला होता है। यहां तक कि कलर से लेकर लेंसिंग, लाइटिंग और परफॉर्मेंस तक, सबकुछ सब कुछ आप पर है। एक तरह से आप भगवान की भूमिका निभा रहे हैं, लेकिन मेरे पिता इसके लिए नहीं बने थे।’ सालों पहले अक्षय खन्ना ने ‘आ अब लौट चलें’ फिल्म में ऋषि कपूर के साथ अपने काम करने का अनुभव शेयर किया था। उन्होंने सिमी ग्रेवाल के पॉडकास्ट शो पर कहा था कि ‘उनमें (ऋषि कपूर) एटीट्यूड की दिक्कत है, लेकिन वह बहुत अच्छे इंसान हैं। मुझे उनके साथ और उनके पूरे परिवार के साथ काम करना अच्छा लगा। वे बहुत शानदार लोग हैं।’
‘आ अब लौट चलें’ ऋषि कपूर के डायरेक्शन में बनी इकलौती फिल्म थी। इसे उन्होंने अपने एक्टर-फिल्ममेकर पिता राज कपूर के प्रोडक्शन हाउस आरके स्टूडियोज के बैनर तले प्रोड्यूस किया था। रणबीर कपूर के वर्क फ्रंट की बात करें वह नितेश तिवारी की फिल्म ‘रामायण’ में नजर आएंगे। मालूम हो कि रणबीर कपूर ने असिस्टेंट डायेरक्टर के तौर पर बॉलीवुड में अपने करियर की शुरुआत की थी। उन्होंने दिवंगत पिता ऋषि कपूर के साथ फिल्म ‘आ अब लौट चलें’ (1999) के लिए काम किया था। इस मूवी से ऋषि कपूर ने बतौर डायरेक्टर डेब्यू किया था। इसमें अक्षय खन्ना और ऐश्वर्या राय बच्चन की जोड़ी नजर आई थी।

राशिफल: जानिए, कैसा रहेगा आपका आज का दिन (14 फ़रवरी 2026)
धरती का चलता फिरता कल्प वृक्ष है गौमाता: जगदगुरू राजेन्द्रदास महाराज
नोहलेश्वर महोत्सव आस्था के साथ संस्कृति, परम्परा और सामाजिक समरसता का उत्सव : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
जनगणना से ही समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुंचाने की रणनीति होती है तय : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
सामूहिक विवाह सबसे उत्तम, खर्चीली शादियों से बचें : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
कलेक्टर और नगर निगम आयुक्त की मेहनत को राज्य ने किया पहचान
सेवा, समर्पण और संकल्प के साथ करें कार्य : राज्यपाल पटेल
भारत भवन सिर्फ एक भवन नहीं, जीवन की रचना है, अतीत हो रहा है पुन: जीवंत : मुख्यमंत्री डॉ. यादव