विधायक भावना बोहरा की पहल रंग लाई, वनवासी इलाकों में पहुंचे पानी के टैंकर
कबीरधाम: पंडरिया विधानसभा क्षेत्र के आदिवासी वनांचल के ग्राम पंचायत के लोग पेयजल की समस्या से परेशान थे. इन गांवों में रहने वाले आदिवासियों को कई किलोमीटर दूर जाकर झिरिया से पानी का जुगाड़ करना होता था. नलजल योजना के तहत गांवों में पानी की टंकियां तो बनी है, लेकिन पानी का कोई जरिया नहीं होने के कारण वो भी शोपीस बनकर खड़े हैं. गांव वाले पंडरिया विधायक भावना बोहरा के पास पहुंचे और पानी के पानी की गुहार लगाई. जिसके बाद विधायक ने 10 वनांचल ग्राम पंचायतों में 10 पानी टैंकर दिया.
पंडरिया के ग्राम पंचायतों को पानी टैंकर
पानी का टैंकर मिलने से अब इन ग्राम वासियों को पीने के पानी के लिए कई किलोमीटर दूर जाना नहीं पड़ेगा. ना ही झिरिया का गंदा पानी पीकर बीमार होंगे. रविवार को एक कार्यक्रम के तहत वनांचल आदिवासी ग्राम बिरहुलडीह में पंडरिया विधायक भावना बोहरा ने इन 10 पानी के टैंकरों को ग्राम पंचायत को सौंपा. पानी के टैंकर मिल जाने से अब ग्राम वासियों को पानी की किल्लत नहीं होगी. जिससे अब इस इलाके में रहने वाले गरीब आदिवासी परिवार काफी खुश नजर आ रहे हैं. उन्होंने विधायक का आभार जताया.
कई गांवों में विकास कार्यों का भूमिपूजन
विधायक भावना बोहरा ने बताया कि विधानसभा चुनाव के बाद से वह क्षेत्र का लगातार दौरा कर रही है. 20 गांवों में पानी की गंभीर समस्या है. घाटी के ऊपर रहने के कारण पाइप लाइन से पानी पहुंचाना आसान नहीं है. लोगों को झिरिया का पानी पानी पड़ रहा था. विधायक निधि से 10 टैंकर की शुरुआत किया गया है. पानी की समस्या दूर होगी. लोगों के चेहरे पर खासकर महिलाओं के चेहरे पर खुशी नजर आ रही है. उन्हें देखकर काफी संतुष्टि मिली है. 10 पानी टैंकर के अलावा भावना बोहरा ने गांव में सीसी रोड और सामुदायिक भवन के लिए लगभग 50 लाख रुपए के विकास कार्यों का भूमि पूजन व लोकार्पण भी किया.

दर्दनाक सड़क हादसा: पदयात्रा में शामिल श्रद्धालुओं पर ट्रक चढ़ा, 7 लोगों की जान गई
चीन का बड़ा कदम: PoK के पास नई प्रशासनिक इकाई, भारत ने जताई आपत्ति
UP में कैबिनेट विस्तार की चर्चा गर्म, विनोद तावड़े आज करेंगे योगी आदित्यनाथ से अहम बैठक
मोनालिसा भाग गई है…’—पति का दावा, लोगों से खोजने की अपील
होर्मुज तनाव का असर भारत पर—ट्रंप के ऐलान के बाद सेंसेक्स धड़ाम, निफ्टी 23,600 के नीचे
मिशन गिद्ध: भोपाल से उड़कर पाकिस्तान पहुंचा, 7 दिन में तय की 1274 KM दूरी—क्या है वजह?