आबकारी मामला: पक्षपात के आरोप निराधार, हाई कोर्ट ने केजरीवाल की मांग ठुकराई
दिल्ली : दिल्ली हाई कोर्ट ने आबकारी नीति मामले में न्यायमूर्ति स्वर्ण कांता शर्मा को हटाने की अरविंद केजरीवाल की याचिका को खारिज कर दिया है। अदालत ने पक्षपात के आरोपों को 'निराधार' करार देते हुए कहा कि केजरीवाल की टीम ऐसे आरोपों के समर्थन में कोई ठोस सबूत पेश करने में विफल रही। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि मात्र संदेह या व्यक्तिगत आशंकाओं के आधार पर किसी जज को खुद को सुनवाई से अलग करने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता।
न्यायमूर्ति शर्मा ने 'हितों के टकराव' (Conflict of Interest) के दावे पर भी कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि उनके परिवार के सदस्यों के स्वतंत्र पेशेवर करियर का इस मामले से कोई सीधा संबंध नहीं है। कोर्ट ने टिप्पणी की कि अदालत कक्ष धारणाओं का कोई 'रंगमंच' नहीं है और न्यायिक प्रक्रिया को बिना सबूत के लगाए गए आरोपों से प्रभावित नहीं किया जा सकता।

कहीं राहत तो कहीं आफत: MP में बदलते मौसम ने बढ़ाई चिंता
राकेश सिंह पर गंभीर आरोप, IAS एसोसिएशन तक पहुंची शिकायत
MP में 5वीं-8वीं के छात्रों के लिए बड़ी खबर: पुनः परीक्षा 1 जून से शुरू
मथुरा की अनोखी कथा: कैलाश से पहुंचे महादेव, बने शहर के रक्षक
क्यों चाणक्य ने कहा- विवाहित व्यक्ति ही हो शासन के लायक? जानिए तर्क