सायनी घोष का चुनावी गाना बना सियासी बवाल, BJP ने TMC पर साधा निशाना, क्या है पूरा मामला?
Saayoni ghosh: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों का प्रचार चल रहा है. तमाम नेता अपने अपने तरीके से प्रचार में जुटे हुए हैं. इस बीच टीएमस सांसद सायनी घोष काफी चर्चाओं में हैं. उनके चर्चा में रहने के पीछे की वजह उनका गीत माना जा रहा है. जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. वे गा रही हैं कि हृदय माझे काबा और नयने मदीना… यानी दिल में काबा और आंखों में मदीना है. हालांकि बीजेपी उन पर मुस्लिम तुष्टीकरण का आरोप लगा रही है.
सायोनी घोष का चुनाव प्रचार का ये तरीका कुछ लोगों को पसंद आ रहा है, तो वहीं कुछ इस पर सवाल खड़े कर रहे हैं. घोष हमेशा ही अपने बयानों और भाषणों की वजह से सोशल मीडिया पर चर्चा में बनी रहती हैं.
भाजपा समर्थकों की ओर से कई रील शेयर किए गए हैं और लिखा जा रहा है कि आखिर एक सांसद कैसे मंच से इस तरह का गाना गा सकती है. सायनी का यह गाना उन इलाकों में बज रहा है जो मुस्लिम बहुल इलाके हैं.
हमेशा चर्चा में बनी रहती हैं सायनी घोष
सायनी घोष का जन्म 27 जनवरी 1993 को हुआ था. राजनीति में आने से पहले बंगाली फिल्म इंडस्ट्री बड़ा चेहरा थीं, उन्होंने कई फिल्मों में काम किया है. फिल्मों में सुर्खियां बटोरने के बाद राजनीति में भी सायनी घोष TMC का चर्चित चेहरा हैं.
वे पहली बार साल 2021 में चर्चा में आईं थी. उस समय उनका एक पोस्ट जमकर वायरल हुआ था, जिसमें धार्मिक भावनाओं को आहत करने का आरोप लगा था. हालांकि उनका यह पोस्ट सालों पुराना था. लेकिन इसके खिलाफ उन पर कई मामले दर्ज किए गए थे. पोस्ट में शिवलिंग की तस्वीर थी और उसे लेकर अपमानजनक टिप्पणी की गई थी. विवाद बढ़ने के बाद सायनी घोष ने तर्क दिया कि उनका अकाउंट हैक हो गया था.
उस समय उनके चर्चा में आने के पीछे की वजह उनका विधानसभा चुनाव लड़ना था. 2021 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में टीएमसी ने उन्हें आसनसोल दक्षिण विधानसभा क्षेत्र से उम्मीदवार बनाया था. हालांकि इस चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा था.
हार के बाद भी मिली थी जिम्मेदारी
आसनसोल में चुनाव हारने के बाद भी सायनी घोष को टीएमसी ने कई पद दिए थे. जून 2021 में वो तृणमूल कांग्रेस की युवा शाखा का अध्यक्ष बनाया गया था. इसके बाद साल 2024 के भारतीय आम चुनाव में, उन्होंने तृणमूल उम्मीदवार के तौर पर जादवपुर लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ा और जीत हासिल की और संसद पहुंचीं. संसद में भी वे अपनी स्पीच के कारण हमेशा चर्चा में बनी रहती हैं.

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