पश्चिमी विक्षोभ का असर, MP में बढ़ेगा मौसम का उतार-चढ़ाव
भोपाल|मध्य प्रदेश में चक्रवाती परिसंचरण (साइक्लोनिक सर्कुलेशन) और ट्रफ लाइन के प्रभाव से मंगलवार को मौसम का अलग-अलग रूप देखने को मिला. प्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों में जहां बादलों की मौजूदगी बनी रही, वहीं भोपाल, इंदौर और उज्जैन संभाग में गर्मी ने लोगों को परेशान किया और तापमान 38 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया. मौसम विभाग का अनुमान है कि ऐसा ही मिला-जुला मौसम बुधवार को भी बना रहेगा|
आंधी-बारिश का अलर्ट और वेस्टर्न डिस्टरबेंस का असर
मौसम विभाग ने 27 और 28 मार्च के लिए प्रदेश के कई हिस्सों में आंधी और बारिश की चेतावनी जारी की है. वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन के मुताबिक, 26 मार्च से उत्तर-पश्चिम भारत में एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है, जिसका असर ग्वालियर, चंबल, सागर और रीवा संभाग में अगले दो दिनों तक दिखाई देगा. इसके बाद 28 मार्च को एक और पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने की संभावना है, जिससे मौसम में फिर बदलाव आ सकता है|
तापमान में बढ़ोतरी, कई जिलों में गर्मी का असर
बीते 24 घंटों के दौरान रीवा और सागर में हल्की बारिश दर्ज की गई. वहीं मालवा और निमाड़ क्षेत्र में गर्मी का असर ज्यादा रहा. खंडवा में अधिकतम तापमान 38.1 डिग्री और रतलाम में 38 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. नर्मदापुरम में 37.8 डिग्री, खरगोन और रायसेन में 37.6 डिग्री, धार और मंडला में 36.5 डिग्री तथा नरसिंहपुर में 36 डिग्री तापमान रहा. बड़े शहरों में उज्जैन 35.8 डिग्री के साथ सबसे गर्म रहा, जबकि भोपाल में 34.4 डिग्री, इंदौर में 35 डिग्री, ग्वालियर में 33.5 डिग्री और जबलपुर में 35.6 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया|
आंधी-ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान, किसान चिंतित
पिछले चार दिनों से प्रदेश में सक्रिय मजबूत मौसम प्रणाली के चलते 45 जिलों में आंधी और बारिश का असर देखा गया, जिनमें से 17 जिलों में ओलावृष्टि भी हुई. तेज हवाओं और खराब मौसम के कारण केला, पपीता और गेहूं की फसलों को नुकसान पहुंचा है. धार और खरगोन समेत कई जिलों में फसलों को ज्यादा नुकसान हुआ है, जिसके बाद किसान मुआवजे की मांग कर रहे हैं|

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