स्लॉटर हाउस विवाद पर बोले नगर निगम अध्यक्ष, दोषियों पर कड़ी कार्रवाई के संकेत
भोपाल। भोपाल स्लॉटर मामले में नगर निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी का बयान सामने आया है. उन्होंने कहा है कि हमारे वैचारिक संगठन बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद ने ट्रक को पकड़ा था. पैकेट को जांच के लिए भेजा गया है. अभी तक आधिकारिक रिपोर्ट नगर निगम को नहीं मिली है।
‘गौ हत्या करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा’
असलम चमड़ा (स्लॉटर हाउस का मालिक) का नाम सामने आया था. मामले में कार्रवाई को लेकर नगर निगम अध्यक्ष सूर्यवंशी ने कहा कि असलम चमड़ा हो या फिर कोई और उसकी चमड़ी उतार दी जाएगी. गौ हत्या करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा. असलम चमड़ा हो या फिर उसको संरक्षण देने वाले अधिकारी सभी पर कार्रवाई की जाएगी।
क्या है भोपाल स्लॉटर मामला?
दरअसल, भोपाल स्थित पुलिस मुख्यालय के सामने हिंदू संगठनों ने एक ट्रक को पकड़ा था. इसमें मांस भरा हुआ था. दावा किया जा रहा है कि ये गौ मांस है. संगठनों ने आरोप लगाते हुए कहा कि करीब 26 टन मांस हैदराबाद और मुंबई के रास्ते विदेश भेजा जा रहा था. हिंदू संगठनों ने नारेबाजी और प्रदर्शन किया था. इस संबंध में असलम कुरैशी उर्फ असलम चमड़ा और उसके ड्राइवर शोएब को पुलिस ने गिरफ्तार किया गया था।
मामले की पूरी टाइमलाइन
. 17 दिसंबर 2025 को हिंदू संगठनों ने पुलिस मुख्यालय के सामने संदिग्ध ट्रक पकड़ा. जिसमें 26 टन गौमांस होने का दावा किया गया।
. संगठनों ने दावा किया कि नगर निगम द्वारा पीपीपी मोड में संचालित स्लॉटर हाउस से ट्रक रवाना हुआ था।
. हिंदू संगठनों ने आरोप लगाते हुए कहा कि इसे हैदराबाद और मुंबई के रास्ते विदेश भेजा जा रहा है।
. इस मामले में स्लॉटर हाउस मालिक असलम कुरैशी को गिरफ्तार कर लिया गया।
. कांग्रेस ने आरोपियों के घर पर बुलडोजर कार्रवाई करने की मांग की।
. विपक्ष ने नगर निगम अधिकारियों और बीजेपी नेताओं पर मिलीभगत का आरोप लगाया. 35 करोड़ की लागत से बने आधुनिक स्लॉटर हाउस की निगरानी ना करने की बात कही।
. प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए स्लॉटर हाउस को सील कर दिया है।

जाम से निजात नहीं, चालान काटने पर ज्यादा ध्यान—उठे सवाल
पहाड़ों में सर्दी का कहर, केदारनाथ और यमुनोत्री धाम बर्फ़ से ढके
युद्धविराम के बावजूद खाड़ी में तनाव जारी, UAE-कुवैत पर हमले और ईरान में विस्फोट
सीजफायर पर भारत की प्रतिक्रिया, अमेरिका-ईरान समझौते का किया स्वागत
कान में सरसों का तेल डालना: सुरक्षित या खतरनाक?
बिजली विभाग के कर्मियों के काम के बोझ को कम करना लक्ष्य
क्यों मनाया जाता है विश्व होम्योपैथी दिवस? जानें इसका इतिहास
मौसम बदलते ही डायबिटीज मरीजों पर बढ़ता खतरा, ऐसे रखें अपना ध्यान