पंचांग : आज साल की सबसे बड़ी एकादशी...श्रीहरि खोलेंगे खुशियों के द्वार, नोट कर लें पूजा का सबसे सटीक समय और पारण मुहूर्त
पंचांग : आज 30 दिसंबर, 2025 मंगलवार, के दिन पौष महीने की शुक्ल पक्ष दशमी तिथि है. इस तिथि पर भगवान शिव के प्रमुख सेनापति वीरभद्र का नियंत्रण है. शुभ समारोह और नए भवन के उद्घाटन के लिए यह तिथि शुभ मानी जाती है. दशमी तिथि सुबह 7.50 बजे तक है. इसके बाद एकादशी तिथि शुरू हो जा रही है, जो 31 दिसंबर की सुबह 5 बजे तक है. इसे पौष पुत्रदा एकादशी के नाम से जाना जाता है.
30 दिसंबर का पंचांग
- विक्रम संवत : 2082
- मास : पौष
- पक्ष : शुक्ल पक्ष दशमी
- दिन : मंगलवार
- तिथि : शुक्ल पक्ष दशमी
- योग : सिद्धि
- नक्षत्र : अश्विनी
- करण : गर
- चंद्र राशि : मेष
- सूर्य राशि : धनु
- सूर्योदय : 07:19 बजे
- सूर्यास्त : 06:04 बजे
- चंद्रोदय : दोपहर 01.33 बजे
- चंद्रास्त : देर रात 03.43 बजे (31 दिसंबर)
- राहुकाल : 15:22 से 16:43
- यमगंड : 11:21 से 12:41
आज का नक्षत्र
आज के दिन चंद्रमा मेष राशि और अश्विनी नक्षत्र में रहेगा. नक्षत्र गणना में अश्विनी पहला नक्षत्र है. इसका विस्तार मेष राशि में 0 से 13.2 डिग्री तक होता है. इसके देवता अश्विनी कुमार है, जो जुड़वा देवता है और देवताओं के चिकित्सक के रूप में प्रसिद्ध है. इसका स्वामी ग्रह केतु है. यह नक्षत्र यात्रा करने, हीलिंग, ज्वैैैलरी बनाने, अध्ययन की शुरुआत, वाहन खरीदने/बेचने के लिए अच्छा माना जाता है. नक्षत्र का वर्ण हल्का और तेज होता है. खेल, सजावट और ललित कला, व्यापार, खरीदारी, शारीरिक व्यायाम, गहने पहनने और निर्माण या व्यापार शुरू करने, शिक्षा और शिक्षण, दवाएं लेने, ऋण देने और लेने, धार्मिक गतिविधियों, विलासिता की वस्तुओं का आनंद लेने के लिए भी इस नक्षत्र में कार्य किए जा सकते हैं.
आज के दिन का वर्जित समय
आज के दिन 15:22 से 16:43 बजे तक राहुकाल रहेगा. ऐसे में कोई शुभ कार्य करना हो, तो इस अवधि से परहेज करना ही अच्छा रहेगा. इसी तरह यमगंड, गुलिक, दुमुहूर्त और वर्ज्यम् से भी परहेज करना चाहिए.

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