सेबी ने पेश किया नया प्लेटफॉर्म, ‘वैलिड यूपीआई’ और ‘सेबी चेक’ से आसान और सुरक्षित लेनदेन
व्यापार: भारतीय शेयर बाजार के नियामक सेबी ने बुधवार को दो नई सुविधाएं शुरू की हैं, ताकि निवेशकों के भुगतान को सुरक्षित बनाया जा सके और बिना पंजीकरण वाले संस्थानों की ओर से धोखाधड़ी को रोका जा सके। पहली सुविधा है @valid UPI Handle अब सेबी में पंजीकृत ब्रोकर, म्यूचुअल फंड और अन्य संस्थान अपने यूपीआई आईडी के साथ @valid हैंडल इस्तेमाल करेंगे।
ट्रांजेक्शन की प्रामाणिकता ऐसे पता चलेगी
सेवाओं की शुरुआत के बाद श्रेणी-स्पेसिफिक सूचक भी जोड़ें जाएंगे, जैसे डॉट बीआरके (.brk) ब्रोकर के लिए और डॉटएमएएफ (.mf) म्यूचुअल फंड के लिए। इसका मतलब है कि निवेशक आसानी से पहचान पाएंगे कि वह संस्था सेबी में पंजीकृत है या नहीं। अगर भुगतान इस हैंडल से किया गया, तो 'ग्रीन त्रिकोण में अंगूठा ऊपर' का आइकन दिखेगा, जो ट्रांजेक्शन की प्रामाणिकता सुनिश्चित करता है।
बड़े ब्रोकर और सभी म्यूचुअल फंड कर रहे हैंडल का इस्तेमाल
क्यू आर कोड भी इसी आइकन के साथ डिजाइन किया गया है ताकि भुगतान आसान और गलती-रहित हो। सेबी ने बताया कि बड़े ब्रोकर और सभी म्यूचुअल फंड अब तक इस हैंडल को अपना चुके हैं. यह सुविधा नेफ्ट, आरटीजीएस और आईएमपीएस के साथ भी काम करेगी, जिससे निवेशक अपनी पसंद के तरीके से भुगतान कर सकेंगे। सेबी चेक टूल से निवेशक किसी भी सेबी रजिस्टर्ड संस्थान को जांच सकते हैं
बैंक अकाउंट और यूपीआई आईडी की खुद जांच करने का विकल्प मिलेगा
दूसरी पहल है सेबी चेक। यह एक टूल है जिससे निवेशक किसी भी सेबी-रजिस्टर्ड संस्थान के बैंक अकाउंट और यूपीआई आईडी की खुद जांच कर सकते हैं। यह जांच सेबी चेक प्लेटफॉर्म, सारथी एप या सेबी की वेबसाइट पर की जा सकती है।
निवेशकों की सुरक्षा बढ़ाएंगी, धोखाधड़ी पर नकेल
जांच के लिए बस @valid UPI ID या बैंक अकाउंट और आईएफएससी डालना होगा। सेबी का कहना है कि ये दोनों पहल निवेशकों की सुरक्षा बढ़ाएंगी, धोखाधड़ी रोकेंगी और डिजिटल लेन-देन में पारदर्शिता लाएंगी। नियामक ने निवेशकों से कहा है कि @valid UPI हैंडल का इस्तेमाल करें और फंड ट्रांसफर से पहले बैंक अकाउंट और यूपीआई आईडी की जांच अवश्य करें।

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