उमंग है तो जिंदगी में रंग है.... उमंग है तो प्रगति में संग है
भोपाल : "उमंग है तो जिंदगी में रंग है... उमंग है तो प्रगति में संग है'' इस थीम पर आधारित उमंग दिवस का आयोजन शुक्रवार को प्रदेश के 9 हजार 300 हाई एवं हायर सेकेंडरी स्कूलों में हुआ। इस कार्यक्रम में 20 लाख से अधिक बच्चों की भागीदारी रही। भोपाल के शिवाजी नगर स्थित सुभाष उत्कृष्ट विद्यालय में उमंग कार्यक्रम मनाया गया। कार्यक्रम में समग्र शिक्षा अभियान की अपर परियोजना प्रबंधक श्रीमती मनीषा सेंतिया, संयुक्त राष्ट्र जनसंख्या कोष (यूएनएफपीए) के राज्य प्रमुख सुनील जैकब, कार्यक्रम अधिकारी अनुराग सोनवलकर, डीईओ नरेन्द्र अहिरवार और मोटिवेशनल स्पीकर के रूप में उमंग के नोडल अधिकारी अंकुश वर्मा ने भाग लिया।
मोटिवेशनल स्पीकर वर्मा ने बताया कि उमंग स्कूल हेल्थ एंड वैलनेस कार्यक्रम बच्चों के जीवन कौशल शिक्षा आधारित एक ऐसा करिकुलम जो खुद से खुद की पहचान करना सिखाता है। उन्होंने बताया कि यह कार्यक्रम बच्चों को नजरों से नजरें मिलाकर मिलना सिखाता है। बच्चों को यह सिखाता है कि प्रत्येक बच्चे की प्रकृति अलग है। बच्चों को हर परिस्थिति में सामंजस्य बनाने और प्रगति की ओर बढ़ते रहने की उमंग को मजबूत करता है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) द्वारा निर्धारित 10 जीवन कौशलों से परिचित करवाना है। कार्यक्रम की जीवन कौशल सलाहकार सुतबस्सुम खान ने बच्चों को जीवन में सकारात्मकता के साथ आगे बढ़ने के बारे में जानकारी दी।
उमंग स्कूल हेल्थ एवं वेलनेस प्रोग्राम है, जिसे स्कूल शिक्षा, स्वास्थ्य विभाग और यूनाइटेड नेशन्स पापुलेशन फण्ड की बराबर भागीदारी से मिलकर चलाया जा रहा है। राज्य में अब तक 19 हजार शिक्षकों को उमंग के लिये प्रशिक्षित किया जा चुका है।

एमपी में 2025 बैच के IAS अधिकारियों की पोस्टिंग, प्रशासन को मिले नए चेहरे
किसानों के लिए खुशखबरी, 9 मई तक कर सकेंगे स्लॉट बुकिंग, खरीदी जारी
हीटवेव का कहर जारी, 10 राज्यों में अलर्ट, IMD ने जारी की चेतावनी
मध्य प्रदेश में 'सूर्यदेव' के तेवर तल्ख: 44 डिग्री के पार पहुंचा पारा, 22 जिलों में 'लू' का अलर्ट
AAP की नींव में संघर्ष, केजरीवाल बोले- 9 किलो तक कम हो गया था वजन