पीएफ अकाउंट से निकाल सकेंगे 90% राशि, अपना घर खरीदना हुआ आसान
घर खरीदने के लिए अब आपकी मदद सरकार खुद करने जा रही है. जी हां, सेंट्रल गवर्नमेंट की ओर से चलाई जाने वाली स्कीम PF के तहत सरकार आपकी मदद करेगी. EPFO ने पीएफ से पैसे निकालने के नियमों में बदलाव किया है, जिसके तहत अब घर खरीदने के लिए डाउन पेमेंट और EMI के लिए कुल जमा का 90% तक फंड निकाला जा सकता है.
EPF स्कीम, 1952 के पैरा 68-बीडी के तहत अब EPFO सब्सक्राइबर्स अपने पीएफ अकाउंट के 3 साल पूरे होने पर 90% तक फंड निकाल सकते हैं. यह राशि घर खरीदने, निर्माण या EMI चुकाने के लिए इस्तेमाल की जा सकती है. पहले यह सुविधा 5 साल बाद ही मिलती थी, और निकासी की गणना कर्मचारी व नियोक्ता के 36 महीने के योगदान व उस पर मिले ब्याज के आधार पर होती थी. पुराने नियमों में किसी हाउसिंग स्कीम में नामांकित सदस्यों को फंड निकालने की अनुमति नहीं थी.
क्या हैं प्रमुख बदलाव?
तुरंत विड्रॉल की सुविधा- जून 2025 से EPFO सदस्य UPI और ATM के जरिए इमरजेंसी में 1 लाख रुपये तक तुरंत निकाल सकेंगे.
ऑटो सेटलमेंट की सीमा बढ़ी- क्लेम सेटलमेंट की लिमिट 1 लाख से बढ़ाकर 5 लाख रुपये कर दी गई है.
आसान क्लेम प्रक्रिया- पहले 27 पैरामीटर्स पर दावों की जांच होती थी, अब केवल 18 बिंदुओं पर डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन होगा. 95% मामलों में 3-4 दिनों में क्लेम सेटल हो रहा है.
बढ़ी लिक्विडिटी- जरूरी खर्चों के लिए PF निकासी की प्रक्रिया को सरल बनाया गया है, जिससे कर्मचारियों को वित्तीय लचीलापन मिलेगा.
बदलाव का उद्देश्य
इन नए नियमों का मकसद है EPFO सदस्यों को घर खरीदने में आसानी प्रदान करना, डाउन पेमेंट की चुनौतियों को कम करना, निष्क्रिय बचत को सक्रिय करना और नियमों को और लचीला बनाना. हालांकि, यह निकासी सुविधा जीवन में केवल एक बार ही उपलब्ध होगी. इसके अलावा, PF निकासी को और सरल बनाने के लिए कई अन्य महत्वपूर्ण बदलाव भी किए गए हैं.

मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय की संवेदनशील पहल
राज्य सरकार धर्म-संस्कृति की धारा को प्रवहमान बनाए रखने के लिए सतत् सक्रिय : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
छत्तीसगढ़ एकलव्य विद्यालय की बड़ी उपलब्धि
पुलिस मुख्यालय परिवार द्वारा 11 सेवानिवृत्त कर्मचारियों को दी गई भावभीनी विदाई
MVA में 'अविश्वास' की एंट्री: उद्धव सेना की जिद और कांग्रेस की अकड़, क्या टूट जाएगा विपक्षी गठबंधन का किला?
AAP की आंतरिक कलह पर नवीन जयहिंद का 'लेटर बम'— राघव-परिणीति की शादी को बताया विवाद की असली जड़
बच्चू कडू बने 'शिवसैनिक': एकनाथ शिंदे की उपस्थिति में थामा शिवसेना का हाथ, विदर्भ में बदला सियासी समीकरण