कंगाली में भी अनमोल रही ये चीज़, अनिल अंबानी ने नहीं किया समझौता
व्यापार : एक दौर था जब अनिल अंबानी ने अदालत के सामने कहा था कि उनके पास न वकील की फीस देने के पैसे हैं और न ही अपनी जिंदगी का खर्च उठाने के साधन. लेकिन इस बुरे दौर में भी उनके पास एक ऐसी नायाब चीज़ थी, जिसे उन्होंने बेचने का ख्याल तक नहीं किया.
कभी दुनिया के छठे सबसे अमीर शख्स कहलाने वाले अनिल अंबानी की कहानी किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं है. एक वक्त था जब उनके पास अरबों की दौलत थी, लेकिन बिज़नेस में कुछ गलत फैसलों और कर्ज़ के जाल में फंसकर सब कुछ बदल गया. कंपनियां एक-एक कर डूबने लगीं, कर्ज़ का बोझ सिर चढ़ने लगा और आखिरकार 2020 में लंदन की अदालत में उन्होंने खुद को दिवालिया घोषित कर दिया.
यह वही दौर था जब अनिल अंबानी ने अदालत के सामने कहा था कि उनके पास न वकील की फीस देने के पैसे हैं और न ही अपनी जिंदगी का खर्च उठाने के साधन. लेकिन इस बुरे दौर में भी उनके पास एक ऐसी नायाब चीज़ थी, जिसे उन्होंने बेचने का ख्याल तक नहीं किया.
ये है सबसे बेशकीमती चीज
जिस वक्त अनिल अंबानी खुद को दिवालिया घोषित कर रहे थे, उसी समय उनके पास था मुंबई के पॉश पाली हिल इलाके में बना 17 मंज़िला महलनुमा बंगला एबोड. ये सिर्फ एक घर नहीं बल्कि लग्जरी की मिसाल है. इस आलिशान प्रॉपर्टी में हेलीपैड से लेकर स्विमिंग पूल, जिम और तमाम आधुनिक सुविधाएं मौजूद हैं.
रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस बंगले की अनुमानित कीमत करीब 5,000 करोड़ रुपये बताई जाती है. सबसे खास बात ये है कि यह बंगला उन्हें उनके पिता धीरूभाई अंबानी की विरासत के रूप में मिला था.
कंगाली में भी नहीं बेचा
कर्ज़ से लदे होने और खुद को दिवालिया घोषित करने के बाद भी अनिल अंबानी ने एबोड को कभी नहीं बेचा. शायद इसकी भावनात्मक कीमत पैसों से कहीं ज्यादा थी. यह न केवल उनका घर था, बल्कि उनकी पहचान, विरासत और परिवार की यादों से जुड़ा प्रतीक भी.
अब कितनी है अनिल अंबानी की नेटवर्थ?
जहां एक तरफ मुकेश अंबानी दुनिया के सबसे अमीर लोगों में शुमार हैं, वहीं अनिल अंबानी की कुल संपत्ति 10 मार्च 2025 तक लगभग 530 मिलियन डॉलर यानि 4 हजार करोड़ आंकी गई है. वहीं, उनकी रिलायंस पावर की मार्केट वैल्यू 166.06 अरब डॉलर रुपए हैं.

राशिफल 28 अप्रैल 2026: जानिए आज का दिन आपके लिए कैसा रहेगा
हौसलों को मिला सहारा, दिव्यांगजनों की बदली जिंदगी
सशक्त नारी, विकसित प्रदेशः ‘बिहान’ से आत्मनिर्भरता की नई मिसाल बनीं सकीना
मुंबई में आयोजित वर्ड पावर चैंपियनशिप 2026 में छठवां स्थान हासिल किया छात्र रोशन निषाद ने
फूलों की खुशबू से महकी किस्मत ईश्वरचरण पैकरा का
मध्यप्रदेश की ‘बाग प्रिंट’ कला को पेरिस में मिलेगा वैश्विक मंच
सिलफिली की मालती बनीं ‘लखपति दीदी‘, अपने साथ-साथ 14 महिलाओं को दिया रोजगार
राज्यपाल डेका ने खैरागढ़ विश्वविद्यालय की नई बस को दिखाई हरी झंडी