घर में बदलावों से आती है सकारात्मक ऊर्जा
हिन्दू धर्म में श्रावण माह भगवान भोलेनाथ को समर्पित है! श्रावण मास को अत्यंत पवित्र और महत्वपूर्ण माना गया है! भगवान शिव को समर्पित यह महीना भक्ति, तपस्या और श्रद्धा का प्रतीक होता है, लेकिन अगर घर में वास्तु दोष हो, तो व्यक्ति को न तो पूजा-पाठ का संपूर्ण फल मिलता है और न ही व्रत-उपवास का कोई प्रभाव दिखाई देता है! ऐसे में सावन शुरू होने से पहले कुछ जरूरी बदलाव और साफ-सफाई करके घर को सकारात्मक ऊर्जा से भरना बेहद आवश्यक हो जाता है।
सावन की शुरूआत
इस वर्ष श्रावण माह की शुरुआत 11 जुलाई 2025 से हो रही है और इसका समापन 9 अगस्त 2025 को होगा। इस पूरे महीने को शिव आराधना और व्रत के लिए अत्यंत फलदायी माना गया है। इस बार सावन में कुल चार सावन सोमवार पड़ेंगे।
सावन से पहले करें ये जरूर करे यह काम
सावन शुरू होने से पहले अपने घर की पूरी साफ-सफाई करें। विशेष रूप से पूजा स्थल की सफाई का ध्यान रखें। मंदिर में जमी धूल को साफ करें और वहां गंगाजल का छिड़काव करें। इससे नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और सकारात्मकता का संचार होता है।
कभी भी घर में बंद घड़ी नहीं रखनी चाहिए। बंद घड़ी नकारात्मक ऊर्जा को बढ़ाती है जिससे समय खराब होने लगता है। ऐसे में अगर घड़ी बंद हो जाती है तो उसे सही करवा या फिर घर से बाहर कर दें। ऐसा करने से सुख समृद्धि और खुशहाली की प्राप्ति होती है।
श्रावन माह शुरू होने से पहले फटी धार्मिक पुस्तकों को भी घर से बाहर कर देना चाहिए। इसलिए इस तरह की धार्मिक पुस्तकों को बहते जल में प्रवाहित कर दें या फिर पीपल के पेड़ के नीचे रख दें। अगर घर के मंदिर में या फिर किसी और जगह पर देवी देवता की खंडित मूर्ति रखी है। तो उसे सावन शुरू होने के पहले किसी पवित्र नदी में बहा दें. खंडित मूर्ति से शुभ फल प्राप्त नहीं होते और पूजा भी सफल नहीं होती। इसकी वजह से नकारात्मक ऊर्जा बढ़ जाती है।

चाय की दुकान पर लेते ही पकड़ा गया घूस, लोकायुक्त की बड़ी कार्रवाई
ग्रेनेड हमले और टारगेट किलिंग की साजिश फेल, दिल्ली-NCR से दो संदिग्ध पकड़े गए
ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती शरद पवार, कार्यक्रम रद्द; बेटी सुप्रिया का हेल्थ अपडेट
डिटॉक्स वाटर पीने से पहले जान लें इसके साइड इफेक्ट
पहलगाम बरसी से पहले गरजी इंडियन आर्मी, पाकिस्तान को सख्त संदेश
BRTS हटने के बाद भी नहीं सुधरी इंदौर की ट्रैफिक व्यवस्था, हाई कोर्ट नाराज
खुशी से मातम में बदली कहानी, भोज के बाद लौटते समय हुआ दर्दनाक हादसा