ग्वालियर में बिजली की बदहाली से लोगों का हाल बेहाल, भीषण गर्मी में अघोषित बिजली कटौती से रहवासी परेशान.
ग्वालियर: मध्य प्रदेश के ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर भले ही बिजली बचाने के नाम पर बिना प्रेस किए कपड़े पहनते हों, लेकिन उनके जिले में कई लोगों को बिना बिजली रातें काटनी पड़ रही हैं. कभी मेंटेनेस तो कभी कटौती के नाम पर घंटों बिजली गुल रहती है. हालात यह हैं कि शिकायतों के बावजूद इस भीषण गर्मी में कोई सुनवाई नहीं होती है. ये हालत ग्वालियर के नगरीय क्षेत्र के कई इलाकों में बनी हुई है.
शहर के ज्यादातर इलाके बेहाल
असल में वर्षों पहले कांग्रेस की दिग्विजय सरकार के समय जो हालत बिजली को लेकर थे. इन दिनों लोगों को उसी दौर का अहसास हो रहा है. क्योंकि 48 घंटे में शहर में 60 से ज्यादा फाल्ट की शिकायतें आई और भीषण गर्मी में लोग मेंटिनेंस के नाम पर बिना बिजली घरों में बेचैन रहे. हालात लगातार ऐसे ही बने हुए हैं, क्योंकि बिजली कंपनी 24 घंटे बिजली आपूर्ति करने में असफल दिख रही है. शहर के आदित्यपुरम, शब्द प्रताप आश्रम, हुरावली, श्री विहार फीडर समेत कई फीडरों पर ओवरलोड की वजह से ट्रांसफार्मर फाल्ट हो रहे हैं. जिसकी वजह से स्थानीय बिजली उपभोगता और जनता को परेशानी से जूझना पड़ रहा है.
सारी रात लगा रहता है बिजली का आना-जाना
बीते रोज आई आंधी बारिश की वजह से शहर के ज्यादातर इलाकों में बिजली हर 10 मिनट में आती जाती रही. महाराजपुरा फीडर अंतर्गत आने वाले आदित्यपुरम, शुभांजलिपुरम के साथ तमाम ऐसे क्षेत्र हैं. जहां, बार बार ट्रिपिंग की समस्या की वजह से लोगों के घर बिजली का आना जाना लगा रहा. हालांकि, इस समस्या से अफसरों को फर्क नहीं पड़ा है. शायद इसलिए वे हमेशा की तरह रटे रटाए जवाब देकर पल्ला झाड़ लेते हैं.
अधिकारियों का वही रटा रटाया जवाब
बिजली कंपनी के महाप्रबंधक नितिन मांगलिक का कहना है, "मध्य प्रदेश शासन के निर्देश पर अब कहीं भी कटौती नहीं है. बिजली बाधित होने की समस्या के पीछे कभी खराब मौसम तो कभी ज्यादा लोड वजह होती है. हालांकि, इन परिस्थितियों से निपटने के लिए ट्रांसफार्मर्स पर लोड परिवर्तित किया जा रहा है." उनका यह भी कहना है कि गर्मी के मौसम में एसी-कूलर की वजह से घरों में बिजली का लोड बढ़ जाता है और इसके लिए बिजली कंपनी द्वारा भी न तो सप्लाई लोड बढ़ाया गया है.
शिकायतों की अनदेखी पर खानापूर्ति वाला जवाब
लगातार होने वाली शिकायतों की अनदेखी पर भी अधिकारियों का कहना है, "ऐसा नहीं है जब भी शिकायतें प्राप्त होती हैं. शिकायतों की तासीर के मुताबिक, निर्णय लिया जाता है. जैसे कहीं अगर केबल जल जाती है तो उसे ठीक करने में ज्यादा समय लगता है और अगर कहीं कोई साधारण समस्या होती है तो उसे एक घंटे में ठीक कर दिया जाता है. बिजली कंपनी लगातार उपभोक्ताओं को बिना परेशानी बिजली उपलब्ध कराने का लगातार प्रयास कर रही है.

महिला आरक्षण पर बढ़ा विवाद: कांग्रेस बोली—PM बुलाएं सर्वदलीय बैठक
AAP के भीतर सियासी बयानबाजी तेज, Saurabh Bharadwaj का Raghav Chadha पर हमला
युद्ध का असर भारत तक: तारकोल महंगा, सड़क परियोजनाएं अटकीं
बिश्केक में भारत-चीन रक्षा मंत्रियों की बैठक, Rajnath Singh ने जताई खुशी
युवा क्रिकेटरों के सपनों को पंख, पीएम मोदी ने किया उद्घाटन